इन्सानियत
चलो बनाए अब नई दुनिया को जहाँ सबका इन्सानियत-ए -धर्म होगा
जहाँ ना होगा हिन्दु -मुस्लिम ना यहुदी -ईसाई होगा
होगा तो सिर्फ एक धर्म जिसका नाम इन्सानियत -ए -धर्म होगा
जब होगा सिर्फ एक धर्म तो न तो किसीका धर्मांतरण होगा
चलो बनाए नई दुनिया को .............
आज भी तो नहीं हम साथ -साथ ,फिर अनजान है जो इस दुनिया से
उनके कल का क्या होगा
मिटा देनी चाहिए वो सारी धर्मो की त्रुटी जिनसे इन्सानियत में कोई विघ्न होगा
चलो बनाए अब नई दुनिया को.……
जहाँ ना होगी कोई ऊँच -नीच ना कोई अन्धविश्वास होगा
होगा तो सिर्फ प्रत्यक्ष कर्म जिसका उपभोक्ता स्वॅम होगा
चलो बनाए नई दुनिया को.……………
जहाँ न होगी राष्ट्रों की सीमा , फिर न सीमा पर बंदा होगा
तो फिर नहीं रोएगी किसी की माँ जब उनका बेटा न जुदा होगा
चलो बनाए नई दुनिया को...........
जहाँ न होगा प्राकृति का शोषण ऐसा सबका उपभोग होगा
अगर ऐसा नहीं किया हमने तो इसका परिणाम बुरा होगा
रोती रहेगी एक तरफ इन्सानियत और एक तरफ धर्म पड़ा होगा
चलो बनाए नई दुनिया को जहा सबका धर्म इन्सानियत -ए -धर्म होगा
फिर आओ करे इंसानियत का मिलकर संकल्प
और बन जाए विश्व इतिहास के स्वर्णिम भविष्य का नया बिकल्प
केहरी सिंह
चलो बनाए अब नई दुनिया को जहाँ सबका इन्सानियत-ए -धर्म होगा
जहाँ ना होगा हिन्दु -मुस्लिम ना यहुदी -ईसाई होगा
होगा तो सिर्फ एक धर्म जिसका नाम इन्सानियत -ए -धर्म होगा
जब होगा सिर्फ एक धर्म तो न तो किसीका धर्मांतरण होगा
चलो बनाए नई दुनिया को .............
आज भी तो नहीं हम साथ -साथ ,फिर अनजान है जो इस दुनिया से
उनके कल का क्या होगा
मिटा देनी चाहिए वो सारी धर्मो की त्रुटी जिनसे इन्सानियत में कोई विघ्न होगा
चलो बनाए अब नई दुनिया को.……
जहाँ ना होगी कोई ऊँच -नीच ना कोई अन्धविश्वास होगा
होगा तो सिर्फ प्रत्यक्ष कर्म जिसका उपभोक्ता स्वॅम होगा
चलो बनाए नई दुनिया को.……………
जहाँ न होगी राष्ट्रों की सीमा , फिर न सीमा पर बंदा होगा
तो फिर नहीं रोएगी किसी की माँ जब उनका बेटा न जुदा होगा
चलो बनाए नई दुनिया को...........
जहाँ न होगा प्राकृति का शोषण ऐसा सबका उपभोग होगा
अगर ऐसा नहीं किया हमने तो इसका परिणाम बुरा होगा
रोती रहेगी एक तरफ इन्सानियत और एक तरफ धर्म पड़ा होगा
चलो बनाए नई दुनिया को जहा सबका धर्म इन्सानियत -ए -धर्म होगा
फिर आओ करे इंसानियत का मिलकर संकल्प
और बन जाए विश्व इतिहास के स्वर्णिम भविष्य का नया बिकल्प
केहरी सिंह